शुक्रवार, 27 फ़रवरी 2015

।। आवाज ।।

























संपूर्ण देह को
एक नया शब्द चाहिए
आत्मा भी शामिल हो जिसमें
और दिखाई दे
जैसे देह में
दिखाई देती हैं आँखें

देह
आत्मा की जरूरत
नहीं समझती है ।

आत्मा का दुःख
सिर्फ आत्मा जानती है
और साँसों से कहती है
सिर्फ ब्रह्माण्ड के लिए ।

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