।। कविता का विश्वास ।।


















संबंधों में
कविता की तरह
जन्म लेता है विश्वास
और ठहर जाता है
आस्था की
सुगंध बनकर ।

अंत में
जीवन में
ठहर जाता है
कविता बन कर ।

टिप्पणियाँ

इस ब्लॉग से लोकप्रिय पोस्ट

सूरीनाम में रहने वाले प्रवासियों की संघर्ष की गाथा है 'छिन्नमूल'

पुष्पिता अवस्थी को कोलकाता में ममता बनर्जी ने सम्मानित किया

।। सच ।।