रविवार, 20 जुलाई 2014

डच के सामाजिक-राजनीतिक और साँस्कृतिक इतिहास की पड़ताल करती डॉक्टर पुष्पिता अवस्थी की पुस्तक

आधारशिला प्रकाशन द्धारा प्रकाशित डॉक्टर पुष्पिता अवस्थी की पुस्तक 'नीदरलैंड बनाम हॉलैंड जीवन संस्कृति' पिछले दिनों भारत में सूरीनाम दूतावास के प्रमुख अलिबक्स तथा डच राजदूत स्टोलिंगा को भेंट की गई । इससे पूर्व, नीदरलैंड के प्रमुख शहर द हेग के महात्मा गाँधी केंद्र में आयोजित हुए अंतर्राष्ट्रीय हिंदी सम्मलेन में यह पुस्तक नीदरलैंड में भारतीय राजदूत राजेश नंदन प्रसाद को भेंट की गई थी । राजेश नंदन प्रसाद उक्त सम्मलेन में मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित थे । डॉक्टर पुष्पिता अवस्थी की इस पुस्तक में डच के सामाजिक-राजनीतिक और साँस्कृतिक इतिहास की व्यापक पड़ताल की गई है तथा डच नागरिकों के धर्म और संस्कृति साथ जुड़ाव का जायेजा लिया गया है । डच नागरिकों की समाज व्यवस्था, उनकी शिक्षा व्यवस्था, उनके साहित्य, उनके सिनेमा, उनकी कला और उनके खानपान को लेकर इस पुस्तक में जो पड़ताल की गई है - उसके चलते यह पुस्तक खास महत्व की हो गई है । सूरीनाम में बोली जाने वाली सरनामी भाषा का हिंदी भाषा के साथ जो संबंध है, उसे भी व्यापक स्वरूप में पहचानने की कोशिश इस पुस्तक में है ।

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