शुक्रवार, 19 फ़रवरी 2016

।। अनुभूतियों का अन्वेषक ।।


















प्रेम
अनुभूतियों का अन्वेषक है

प्रेम
अपने जीवन में
रचता है  नया जीवन

खोजता है
स्नेह-सृजन के नूतन स्रोत
प्रेमानुभूति का तरल-पथ
अभिव्यक्ति की नरम-खामोशी
अनुभूति का मौनानंद
अनकहा

पर भीतर ही भीतर
सब कुछ कहता हुआ
जिसे पहली बार सुनती है आत्मा
और समझ पाती है
सुख का अर्थ

जो
देह से उपजता है
देह से परे जाकर

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