शुक्रवार, 2 सितंबर 2016

।। कोटर में ।।























शब्दों से अधिक
ताक़त होती है   शब्दों की आवाज़ में

आवाज़ से बनती है
शब्दों की ताक़त

तुम्हारे शब्दों से अधिक विश्वास है
तुम्हारी आवाज़ में
ध्वनित होती है    उसमें तुम्हारी आत्मा

जितनी बार
सुनती हूँ     तुम्हारी आवाज़
महसूस करती हूँ
ख़ुद को
तुम्हारी आवाज़ के कोटर में

तुम्हारी आवाज़ में
तुम्हारी आत्मा के शब्द हैं
तुम्हारे चैतन्य के चेतस तत्व
मेरे चित्त में
विलीन हो जाने के लिए

(नए प्रकाशित कविता संग्रह 'गर्भ की उतरन' से)

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