शुक्रवार, 5 अप्रैल 2013

।। राग में शब्द ।।



प्रेम में
साँस की लय में रचे हुए शब्द
घुल जाते हैं - अपनी लय में
जैसे - राग में शब्द
        शब्द में राग ।

प्रेम की
सार्वभौमिक गूँज - अनुगूँज में
विस्मृत हो जाता है - स्व और सर्वस्व
शेष रहता है - प्रेम
                 और ...सिर्फ - प्रेम प्रेम प्रेम
जैसे
     समुद्र में समुद्र
     धरती में धरती
     सूरज में सूरज
     चाँद में चाँद
     और तृषा में तृप्ति
     प्यास में जल
     जीवन में - जीवन की तरह 

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