बुधवार, 26 जून 2013

।। आत्मीय शब्द ।।


















ओठों को बोलने से पहले
शब्द का अर्थ चाहिए ।
ऊँगलियों को स्पर्श से पहले
आवेग की गति चाहिए ।

ह्रदय को धड़कने से पहले
देह चाहिए ।
पाँव को चलने से पहले
रास्ता चाहिए ।

रास्ते से पहले तक
घर जैसी आत्मीय मंज़िल चाहिए ।
मंज़िल से पहले
जीवन चाहिए ।

जीवन से पहले ज़िंदगी की जरूरत चाहिए ।
जरूरत से पहले जीवन की ज़िंदगी चाहिए ।
जैसे जीने के लिए प्यार का विश्वास
और उसकी शक्ति चाहिए;
जैसे बीज को पेड़ बनने से पहले
धरती, सूरज और पानी चाहिए;
वैसे ही अपने से पहले
मुझे तुम चाहिए ।

तुम्हारे तुम से ही
मेरा 'मैं' बनेगा
तुममें जीने के लिए
तुमसे जीने के लिए ।

कोई टिप्पणी नहीं:

एक टिप्पणी भेजें