।। ओठों पर शंख ।।


















काग़ज़ पर शब्द
जैसे
ओठों पर शंख ।

मेरा मन
तुम्हारी स्मृतियों की
जीवन्त पुस्तक ।

ईश्वर ने
हम-दोनों में
बचाया है प्रेम
और हम-दोनों ने
प्रेम में ईश्वर ...।

टिप्पणियाँ

इस ब्लॉग से लोकप्रिय पोस्ट

सूरीनाम में रहने वाले प्रवासियों की संघर्ष की गाथा है 'छिन्नमूल'

पुष्पिता अवस्थी को कोलकाता में ममता बनर्जी ने सम्मानित किया

।। सच ।।