रविवार, 30 जून 2013

।। ओठों पर शंख ।।


















काग़ज़ पर शब्द
जैसे
ओठों पर शंख ।

मेरा मन
तुम्हारी स्मृतियों की
जीवन्त पुस्तक ।

ईश्वर ने
हम-दोनों में
बचाया है प्रेम
और हम-दोनों ने
प्रेम में ईश्वर ...।

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