बुधवार, 28 अगस्त 2013

'विन्टरकोनिंग' कहानी का एक और अंश (6)


















गोल्फ अमीरों का खेल है, अपनी इस धारणा के नाते उसने कभी अमीरों के इस खेल की ओर देखा तक नहीं था । खेल तो खेल …स्पोर्ट्स की ख़बरों और अख़बारों में छपती तस्वीरों और पत्रिकाओं के प्रचार पृष्ठों पर गोल्फ की गेंद तक को वह नहीं निहारती थी । लेकिन अब वह गोल्फ के मैदान में है …और इस खेल को सीखना शुरू किया है । पहली दफा अपने गोल्फ शिक्षक को एक घंटा सिखाने के लिए पचास यूरो देते समय उसे लग रहा था …बस…अब अगली बार गोल्फ खेलने के लिए कोई दिन …समय …तिथि नहीं निश्चित करेगी । नो एपाइंटमेंट एट ऑल । मन ही मन रोप की हथेली में पचास यूरो मतलब ढाई हज़ार से अधिक की रकम रखते हुए शीला ने मन से उन्हें नमस्कार किया था । लेकिन उसके खेल की शुरुआत अच्छी होने के कारण और उसके ट्रेनर रोप के बेहतर तरीके से टिप्स दिए जाने के कारण उसे भीतर से यह लगा था कि वह गोल्फ खेल सकती है । फिर उसके पति ने भी गोल्फ के लिए उससे बहुत ज़िद की थी । गोल्फ के प्रति उसकी रूचि जगाई थी । उनका मानना है कि गोल्फ से 'जीवन के साथ का' और 'साथ के जीवन का' अद्भुत सुख महसूस किया जा सकता है जो अन्य किसी खेल से संभव नहीं है । हर खेल का अपना एक तनाव होता है । कन्टीन्यूस एक्टिव रहने की डिमांड होती है । लेकिन गोल्फ में ऐसा नहीं है । प्रायः यह 'दोस्तों का' और 'दोस्ती का' खेल है । ख़ैर …शीला ने यह सारी दलीलें मान लीं और पंद्रह दिन में एक दिन फिर प्रशिक्षण लेने का निर्णय लिया और शेष सप्ताह में तीन दिन स्वयं प्रैक्टिस करती थी ।
एक दिन शीला ने नाइन्थ होल कवर करके रोप से कहा कि मेरा पर्स कार में रह गया है …मैं वहीं चलती हूँ …फिर गोल्फ ऑफिस जाकर शीला को नया अपाइंटमेंट भी बनाना था …इसलिए उसने कार में अपनी टॉली रखी, जूते बदले और गोल्फ ऑफिस की ओर बढ़ी । जहाँ रोप एक स्त्री के साथ खड़ा उसका इंतज़ार करता हुआ दिखाई दिया । पहुँचने पर उसने परिचय कराया ।
'सी इज़ माई गर्लफ्रेंड एना' रोप ने कहा ।
'नाइज़ टू सी यू, आई एम शीला' कहते हुए शीला ने बढ़कर हाथ मिलाया । शीला ने देखा कि उसकी गर्लफ्रेंड को तकरीबन सात या आठ माह का गर्भ था । शीला ने आँखों में खुशी लेकर उसे फिर से शुभकामनाएँ देते हुए हाथ बढ़ाया और कहा, 'व्हेन दिस ड्रीम इज़ एस्पेक्टेड ।' 'ऑफ्टर टू मन्थ्स' रोप ने उमगकर जवाब दिया और एना के पेट पर ऐसे हाथ फेरने लगा जैसे अपने शिशु को सहलाते हुए उस पर अपना प्यार उड़ेल रहा हो ।
'कॉन्ग्रुचुलेशन्स, आई वान्ट टू गो नाओ, माई हस्बैंड इज़ वेटिंग देअर' शीला थोड़ा शरमाते हुए बोली ।
'एस, एस, हैव ए नाइस इवनिंग' कहकर दोनों विदा हुए । शीला तेज़ी से बार-लाउंज की ओर बढ़ी । अब वह गर्भवती स्त्रियों के पूरी तरह से झाँकते-उझकते हुए उदर को देखकर चौंकती नहीं है । गर्भवती महिलाओं के लिए आरामतलब परिधानों की भरपूर विशिष्ट दुकानें हैं, जहाँ गर्भ को प्रोटेक्ट और प्रोजेक्ट करने वाली विशेष ड्रेसेज मिलती हैं । यह सोचते हुए वह अपने हस्बैंड के सामने पहुँच गयी जहाँ वे बीयर का गिलास लिये हुए शीला की राह देख रहे थे ।
'हैलो माई डियर …हाउज़ योर प्ले' शेखर ने उमगकर पूछा ।
'फाइन, अरे, रोप की गर्लफ्रेंड मिल गयी थी । वह तो फुल डेज़ में प्रेगनेंट है …। बिना विवाह के ही …। वंडरफुल …।' शीला ने बैठते ही बताया ।
'इसमें चौंकने की कौन-सी बात है …यह कोई अपराध थोड़े ही है …इट इज़ नॉर्मल हियर । बच्चे के जन्म से पहले सिर्फ पार्टनर के रूप में रजिस्ट्रेशन करवाना जरूरी है । विवाह करना यहाँ की दृष्टि से जरूरी नहीं है । यह सिर्फ लक्ज़री है …वैसे रोप अगले हफ्ते अपने विवाह की औपचारिकता भी पूरी करने जा रहा है ।' शेखर ने बहुत इत्मीनान से बताया ।
'हम लोग चलेंगे या नहीं ।' शीला ने उत्सुकता से जानना चाहा ।
'तुम्हें तो मालूम है, यहाँ विवाह में प्रायः पंद्रह-बीस लोगों को ही बुलाते हैं । सिटी हॉल में रिंग सेरेमनी होती है और इसके बाद एक हल्का-सा वाइन-बीयर का रिशेप्सन होता है । वैसे मैंने रात में उसके घर के लिए अपने डीलर को शैम्प्येन भेजने का ऑर्डर कर दिया है जिससे मैरिज सेरेमनी के बाद घर आकर वह शैम्प्येन से अपने उस मूवमेंट को इन्ज्वॉय कर सके ।' शेखर ने तसल्ली से अपनी बात कह दी । शेखर दूसरों की खुशी का बहुत ख्याल रखते हैं और यही शेखर की खासियत है जो उनकी पहचान को और आदमियों से अलग करती है ।
वेटर के आने पर शीला के लिए भी बीयर और क्रोकेड '1' का शेखर ने ऑर्डर किया । इसी बीच शेखर का एक गोल्फ पार्टनर भी आ गया । शेखर ने उसका शीला से परिचय कराया और फिर वे दोनों डच में बातें करने लगे ।

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