'भारत भवन' में हुए पुष्पिता अवस्थी के कविता पाठ की याद
पुष्पिता अवस्थी के करीब साढ़े तीन वर्ष पहले, 4 नबंवर 2009 को भोपाल स्थित 'भारत भवन' में आयोजित हुए कविता पाठ की स्मृतियों को साझा करते हुए भोपाल के एक पत्रकर और लेखक ने उक्त कार्यक्रम का निमंत्रण पत्र हमें उपलब्ध कराया है । समकालीन कला एवं संस्कृति के केंद्र के रूप में विख्यात 'भारत भवन' में कविता पाठ के लिए हुई पुष्पिता अवस्थी की उपस्थिति का खास महत्व इस कारण से है क्योंकि 'भारत भवन' की पहचान उसके स्थापत्या के सौंदर्य के कारण नहीं, बल्कि उन लोगों के निर्णायक योगदान की वजह से है जो उसके संचालन के लिए जिम्मेदार रहे हैं । उनके उत्साह, उनके विवेक और उनकी असाधारण ऊर्जा के अभाव में, यह इमारत लोहा-लक्कड़ और चूना-पत्थर की एक बेजान इमारत भर होती । 'भारत भवन' में आयोजित हुए पुष्पिता अवस्थी के कविता-पाठ तथा उनके कविता संग्रह 'अंतर्ध्वनि' के लोकार्पण कार्यक्रम को याद करते हुए 'भारत भवन' के उद्घाटन समारोह को याद करना प्रासंगिक भी होगा और दिलचस्प भी । 'भारत भवन' के उद्घाटन के मौके पर देश के तमाम प्रमुख कलाकारों, संगीतज्ञों, ल...